राजस्थान की प्रमुख छतरियां Rajasthan’s Canopies

राजस्थान की प्रमुख छतरियां Rajasthan’s Canopies





आज हम आपको राजस्थान की छतरियों के नोट्स उपलब्ध कराएंगे। जो कि बहुत महत्वपूर्ण है। अनेक प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न आते है।




1. बूंदी की प्रमुख की छतरियां

  • 84 खंभों की छतरी :- बूंदी
  • यह भगवान शिव को समर्पित है।
  • इस छतरी का निर्माण अनिरुद्ध सिंह ने अपने भाई का भाई धाबाई देवा की स्मृति में करवाया था।
  • केसर बाग की छतरी :- बूंदी
  • यहां राजाओं के साथ सती हुई रानियों की मूर्तियां लगी हुई है।

2. अलवर की प्रमुख की छतरियां

  • 80 खंभों की छतरी :- अलवर
  • यह मुंशी महारानी(बख्तावरसिंह की रानी) की छतरी है
  • निर्माण :- विनय सिंह
  • ऊपरी मंजिल पर रामायण व महाभारत के भित्ति चित्र बने हुए हैं
  • टहला की छतरी :- अलवर





3. उदयपुर की प्रमुख की छतरियां

  • महाराणा प्रताप की छतरी :- बाडोली (उदयपुर)
  • निर्माण :- बख्तावर सिंह सोनगरा
  • यह 8 खंभों की छतरी है।
  • यह छतरी केजड़ बांध पर बनी हुई है।
  • उदय सिंह की छतरी :- गोगुंदा (उदयपुर)
  • आहट की छतरियां :- उदयपुर
  • अमर सिंह से लेकर सभी शासकों की छतरिया है।
  • इनमें सबसे प्राचीन अमर सिंह की छतरी है।
  • इसे महासतियों का स्थान भी कहते है।





4. जयपुर की प्रमुख की छतरियां

  • मानसिंह की छतरी :- आमेर
  • गेटोर की छतरी :- जयपुर
  • यहाँ जयपुर के कछवाहा शासकों की छतरिया है।
  • इनमें ईश्वरी सिंह की छतरी नहीं है ।
  • सवाई ईश्वरी सिंह की छतरी:- जयपुर
  • इनकी छतरी जयपुर के माधोसिंह-1 ने सिटी पैलेस जयपुर के जयनिवास उद्यान में बनवाई है।





5. नागौर की प्रमुख की छतरियां

  • लाछा गुजरी की छतरी :- नागौर
  • अमर सिंह राठौड़ की छतरी :- नागौर

6. जोधपुर की प्रमुख की छतरियां

  • मामा भांजा की छतरी :- जोधपुर
  • निर्माण :- अजीत सिंह
  • धन्ना गहलोत तथा भीवा चौहान आपस में मामा भांजा थे।
  • नोट:- मामा भांजा का मंदिर अटरू(बारां) में स्थित है।
  • मंडोर की छतरी :- जोधपुर
  • यह जोधपुर के राठौड़ शासकों की छतरियां है ।
  • ब्राह्मण देवता की छतरी :-जोधपुर
  • कागा की छतरी :- जोधपुर
  • यहां बंक नामक जादूगर ने एक दिन में जादू से अनार का बाग लगवाया।
  • गोरा धाय की छतरी :- जोधपुर
  • यह अजीत सिंह की धाय थी।
  • सेनापति की छतरी :-जोधपुर
  • यह मान सिंह राठौड़ की सेनापति इंदर राज की छतरी थी।
  • राजाओं का देवल :- जोधपुर
  • 33 करोड़ देवी देवताओं की छतरिया :- जोधपुर
  • करोड़ों के कीर्ति धनी की छतरी :- जोधपुर
  • रानी सूर्य कँवर/ सूरज कँवरी की छतरी :- जोधपुर





7. अजमेर की प्रमुख की छतरियां

  • आतेड़ा की छतरी :-अजमेर
  • यह जैन धर्म में दिगंबर संप्रदाय की है।
  • रूठी रानी की छतरी :- अजमेर





8. भीलवाड़ा की प्रमुख की छतरियां

  • मांडलगढ़ की छतरी :- भीलवाड़ा
  • 32 खंभों की छतरी है यह छतरी जयपुर के जगन्नाथ कछवाहा की है।
  • निर्माण :- शाहजहां
  • 32 खंभों की छतरी :- रणथंभौर दुर्ग में
  • निर्माण हम्मीर देव चौहान ने अपने पिता जयसिंह की याद में
  • नोट :- इसे न्याय की छतरी भी कहा जाता है
  • महाराणा सांगा की छतरी :- मांडलगढ़ (भीलवाड़ा)
  • 8 खंभों की छतरी है
  • गंगाबाई की छतरी :- भीलवाड़ा
  • महादजी सिंधिया की पत्नी गंगाबाई उदयपुर से आ रही थी तो गंगापुर भीलवाड़ा में उनकी मृत्यु हो गई जहां इनकी छतरी बनाई गई।





9. करौली की प्रमुख की छतरियां

  • बोहरा की छतरी :- करौली ,केला देवी मंदिर के सामने
  • गोपाल सिंह की छतरी :- करौली

10. राजसमन्द की प्रमुख की छतरियां

  • चेतक की छतरी :- बलीचा गांव (हल्दीघाटी ,राजसमंद)
  • पृथ्वीराज सिसोदिया की छतरी :- कुंभलगढ़ दुर्ग
  • राजसमंद यह 12 खंभों की छतरी है।





11. चित्तौड़गढ़ की प्रमुख की छतरियां

  • रैदास की छतरी :- चित्तौड़गढ़
  • जयमल फत्ता की छतरी :- चित्तौड़गढ़





12. अन्य प्रमुख छतरियां:-

  • पीपा जी की छतरी :- गागरोन दुर्ग (झालावाड़)
  • देव कुंड की छतरी :- बीकानेर
  • नोट देवकुंड की बावड़ी जोधपुर में है।
  • अकबर की छतरी :- बयाना दुर्ग (भरतपुर)
  • नोट अकबर की मस्जिद :- आमेर दुर्ग (जयपुर)
  • कुत्ते की छतरी :- कुकराज की घाटी(सवाई माधोपुर)
  • बंजारे की छतरी :- लालसोट (दोसा)
  • बड़ा बाग की छतरी :- जैसलमेर
  • यहां पर जैत्रसिंह को ऊंट पर सवार तथा उसकी 10 पासवान रानियां तथा उसकी सोडा रानी को जमीन पर हाथ जोड़े दिखाया गया है।
  • वीर दुर्गादास की छतरी :- उज्जैन (मध्य प्रदेश)
  • यह छतरी शिप्रा नदी के किनारे बनी हुई है।
  • जोगीदास की छतरियां :- झुंझुनू
  • थानेदार नाथू सिंह की छतरी :- बारां
  • क्षारबाग की छतरियां :- कोटा

हमें उम्मीद है कि आपको यह राजस्थान की छतरियों के नोट्स पसंद आए होंगे। यह आपके लिए उपयोगी साबित होंगे।

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